आर्यवीर दल टंकारा ने आयोजित की २६ वी देशभक्ति गीत प्रतियोगिता (2)

Deshbhakti Git

आर्यसमाज टंकारा की युवा विंग आर्यवीर दल नव युवकों के निर्माण के अनेक कार्य हर वर्ष आयोजित करता है | जिनमें स्थानीय आर्यवीर दल प्रशिक्षण शिविर वर्ष में दो बार, आर्यवीर दल टंकारा का स्थापना दिवस, विद्यार्थियों की वार्षिक परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने वाले आर्यवीरों का सम्मान, प्रश्नमंच, विजयादशमी पर्व पर तैराकी दौड़ आदि साहसिक प्रतियोगिताएँ व हर वर्ष गणतन्त्र दिवस की पूर्व संध्या पर २५ जनवरी को को टंकारा गॉंव व तहसील के युवक-युवतियों की देशभक्ति गीत प्रतियोगिता आयोजित की जाती है |

इस वर्ष ६४ वें गणतन्त्र दिवस की पूर्व संध्या पर यह प्रतियोगिता उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई | पिछले २६ वर्षो से आयोजित हो रहे इस कार्यक्रम में प्रतिवर्ष अधिक से अधिक प्रतियोगी शामिल हो रहे हैं | इस प्रतियोगिता मे सर्व प्रथम सिलेक्शन राउन्ड आयोजित होता है, उसमें योग्यता प्राप्त करने वालों का अन्तिम राउन्ड आम जनता की उपस्थिति में आयोजित होता है | इस वर्ष अंतिम राउन्ड में २३ प्रतियोगी पसंद किये गये; जिनको आयु के हिसाबसे ज्येष्ठ और कनिष्ठ वर्गों में विभाजित किये गये | २५ जनवरी २०१३ की रात्रि में आयोजीत यह प्रतियोगिता कोई साढ़ेतीन घण्टे तक चली | महर्षि दयानन्द चौक में आम जनता की विशाल उपस्थिति ने राष्ट्र भक्तों के कण्ठ और ओरकेस्ट्रा की सुरत्वलीयों को मन भर कर सुना और सराहा |

भरतभाई पटेल (आर्यवीर व साहित्यकार) की ग्रामीण शैली के सयोजकत्व में श्रोताओं को राष्ट्रीय भावना के प्रेरक उदाहरणों व आज़ादी संग्राम में आर्यसमाज के महत्त्वपूर्ण योगदान के इतिहास की झांकी सुननेको मिलती थीं |

 

प्रतियोगियों के उत्साह वर्धन के लिए टंकारा के छोटे-बड़े व्यापारियों और राष्ट्रप्रेमी नागरिकों ने नकद व वस्तु स्वरूप में पुरस्कारों की जैसे वृष्टि कर दी थी | प्रतियोगिता का आयोजन करने पर आर्यवीर दल टंकारा को भी दाताओं ने खुले मन से अपनी उदारता का परिचय दिया था |

इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने आचार्य विद्यादेव शास्त्री, आचार्य रामदेव शास्त्री, स्वतंत्रता सेनानी गिजुभाई व्यास, टंकारा ग्राम के सरपंच धर्मेन्द्रभाई त्रिवेदी व ग्राम पंचायत के सदस्यगण, विभिन्न विद्यालयों के आचार्य, शिक्षक, आर्यसमाज टंकारा के पदाधिकारीगण, सभासद, व्यापारी क्षेत्र के अग्रणी, टंकारा नगर के कोने-कोने से आबलवृध्ध नर-नारी और नव युवक-युवतियों की उपस्थिति से पूरा पांडाल भर गया था | कई लोगों को पांडाल से बाहर खड़ा रहना पड़ा था |

निर्णायक की जिम्मेदारी श्री अश्विनभाई निमावत, श्री रमेशकुमार कैला और श्री रजनीकान्त मोरसाणिया ने निभाई थी | प्रतियोगिता के अंत में परिणाम इस प्रकार रहा -

कनिष्ठ वर्ग :प्रथम – टींकु आर्य (उपदेशक महाविद्यालय - टंकारा),

द्वितीय – ऋषि आर्य (उपदेशक महा विद्यालय - टंकारा)

तृतीय – किंजल कारावडिया (एम. पी. दोशी विद्यालय - टंकारा)

 

ज्येष्ठ वर्ग :प्रथम – किशोर शास्त्री (उपदेशक महाविद्यालय - टंकारा),

द्वितीय – पायल सवसाणी (ओरपेट कन्या विद्यालय - टंकारा) 

तृतीय – रविन्द्र आर्य (उपदेशक महाविद्यालय - टंकारा)

 

प्रत्येक विजेताओं को शिल्ड एवं उपयोगी साहित्य आर्यवीर दल टंकारा की और से दिया गया |

कार्यक्रम का आयोजन, संचालन न नियन्त्रण आर्यवीर दल टंकारा के अधिष्ठता परेश भाई कोरिंगा ने किया | आर्यवीर दल के शिक्षक भूपेन्द्र दुबरिया, राजेश राठोड आदिने व्यवस्था संभाली | विशिष्ट महानुभावों व श्रोताओं का स्वागत व उचित स्थान पर बैठाने की जिम्मेदारी मनीषभाई कोरिंगा ने संभाली |

टंकारा ग्रामवासीओं ने आर्यवीर दल टंकारा के ऊपर प्रशंसा के पुष्प बिखेरते हुए व भारतमाता की जय और वन्देमातरम् के नारों से आकाश को गुंजायमान करते हुए स्वस्थान के लिए प्रस्थान किया |