आर्यसमाज टंकारा का ८८ वाँ स्थापना दिवस एवं ऋषि बोधोत्सव सम्पन्न

Deshbhakti Git

आर्यसमाज टंकारा की स्थापना महाशिवरात्रि के दिन सन् १९२६ में हुई थी, अत: आर्यसमाज टंकारा अपने स्थापना काल से इसे ऋषि बोधोत्सव के रूप में मनाता रहा है | 

इस वर्ष भी दिनांक १० मार्च को ८८ वाँ स्थापना दिवस उत्साह पूर्ण वातावरण में मनाया गया | सायंकालीन ५ से ७:३० तक आयोजित इस कार्यक्रम का आरंभ यज्ञ से हुआ | यजमान दम्पती के रूप में तीन जोड़े बिराज मन था | यज्ञ के पश्चात् उपस्थित संन्यासीवृन्द व विद्वानों ने यजमानों को आशीर्वाद प्रदान किया | यज्ञ प्रार्थना हुई और पं. सतपालजी ‘पथिक’ ने अपनी  नवरचित रचना मधुर स्वर में प्रस्तुत की | कुछ और भजन भी हुए जिन्हें श्री शांतिलाल जी (पुस्तकाध्यक्ष आ. स., टंकारा), श्री ललित सहनी जी (कवि व गायक), श्रीमती सुधा वर्मा व माता शिवराजवती आर्य ने प्रस्तुत किया | स्वामी शान्तानन्द जी (गुरुकुल भवानीपुर-कच्छ) ने प्रवचन से लाभानिव्त किया | लगभग डेढ़ हजार आर्य नर-नारी इस समय अपनी श्रध्दा-भक्ति का परिचय देने के लिए उपस्थित हुए | विशेष रूप से स्वामी और्यशानन्द जी, टंकारा ट्रस्ट के ट्रस्टीगण श्री माता शिवराजवती जी (उपप्रधान टंकारा ट्रस्ट),श्री अजय सहगल जी (उपमंत्री टंकारा ट्रस्ट), श्री सुनील मनाकदाला जी, श्री अरुण अब्रोल जी तथा विभिन्न आर्यप्रतिनिधि सभाओं के पदाधिकारी व आर्य समाजों के पदाधिकारी, सदस्यगण उपस्थित रहें | 

आर्यसमाज टंकारा के प्रधान श्री अमृतलाल मेघजीभाई (टंकारा रत्न) ने सभी आगन्तुक महानुभावों का स्वागत किया | व मंत्री श्री हसमुख परमार ने आर्यसमाज टंकारा का संक्षिप्त इतिहास बताया एवं वर्तमान गतिविधियाँ की जानकारी दी | श्री अजय सहगल ने इस समाज की भौतिक सुविधाओं को बढ़ाने हेतु व गतिविधियों को सुचारु रूप से चलने हेतु दिल खोलकर दान देने की अपील की | जिस की प्रतिक्रिया रूप दानी महानुभावों ने अपने त्याग भाव का परिचय दिया |

इस अवसर पर पं. रामस्वरूप जी (अजमेर) के कर कमलों से आर्यसमाज टंकारा की वेब साईट का लोंचिंग www.aryasamajtankara.org किया गया | आर्यजनता इस पर आर्यसमाज टंकारा की झांकी प्राप्त कर सकेंगी |

धन्यवाद व शान्तिपाठ के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ |

टंकारा ट्रस्ट द्वारा विशाल स्तर पर आयोजित ऋषि ओधोत्सव के सभी कार्यक्रमों में आर्यवीर दल टंकारा व आर्यसमाज टंकारा के सदस्य व कार्यक्रर्ता शामिल हुए | प्रतिदिन प्रभात फेरी व शोभायात्रा का नेतृत्व आर्यवीर दल टंकारा ने किया | जिसको सभी ने सराहा |